Takluff: साथी हो तो ऐसा हो: मांगती माफी न मैं और न किसी को माफ करती हूं। देती सज़ा हूं और सज़ा लेने को तैयार रहती हूं। अच्छा नहीं है बारंबार गलती कर  माफी मांगते र...