Bhir me bhi sanata जाते-जाते एक वजह छोड़ जाना जरुर। वज़ह जो भी जैसा भी हो सुकून देते हैं। छोड़ने का वज़ह ना हो मन भटकता है। पुरा…
Read moreमकान खाली कर दिया ताले खोल जाओ मैं ना मकान मालिक रहा, ना ही तुम किरदार रहे। दोस्ती का रिश्ता तो कभी था नहीं हमारे दरम्यान। बिजली पानी का आकर हिसा…
Read moreबसीर बद्र साहब को 🙏 श्रद्धांजलि ❤️ कोई हाथ ही ना मिलाएगा, कि गले मिलोगे तपाक से। यह नए मिजाज का शहर है, जरा फासले से मिला करो। तमाम उम्र बीत जाती …
Read moreमैं जो कहूं तुम कर लेगी क्या? हम अपनी लिखावट सुधारते रह गए। सारे कॉपी आंसुओं से भर गए। पन्ने खतम होने पर जब उठाई नज़र। कॉपी ज़ब्त करते गुरुजी दिख ग…
Read moreTum khud hi apna pata bata do कैसे हो ? कहां हो ? मुझको अपना पता बता दो मन की गलियों में छुपे हो। पता तुम्हारा पूछूं मैं किससे ? तुम तो मेरे स…
Read moreछूना नहीं जिसे देखना सुकून हो छूना नहीं जिसे देखना सुकून हो तुम, दूर रहकर भी कितने करीब हो तुम। तेरी एक झलक पाने की आश लिए, अपनी आंखों पर अटूट…
Read moreआंसू रोक अपने को सशक्त दिखाता वैसे तो वह साधारण सा इंसान हैं, देह के पार देखो तो पूरा ब्रह्माण्ड दिखता है। कोई कर ही नहीं पाता है...ऐसे इंसान से प्र…
Read moreआपके Best Friend (आप खुद है) बचपन का दोस्त V/S स्मार्ट दोस्त बचपन का दोस्त 😀 कविता आपके Best Friend (जो आप खुद है) सही पर साथ तो देंगे हजारों। ग़…
Read moreBas yehi to kavi hriday ka durgun hai स्त्री पहचानती है, दूर से स्पर्श को, ज़माने ने कहा यह कैसी कविता है? मैंने फिर कहा - मैंने जीया है कविता, झू…
Read moreमुझे ऐसी जन्नत से क्या लेना। मुझे ऐसी जन्नत से क्या लेना, जहां से मेरा खुदा दिखाई ना दे। तेरे कैद में बीत जाए मेरी जिंदगी। हमसफ़र मुझे तू कभी रिहाई…
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