Bhavnao ki bhi ek umar hoti अंदर तक तोड़ गई जब बेरुखी उनकी। अपने भी मुझपर सवाल उठाने लगें हैं। रस्सी गले से निकालकर हम जीने लगे हैं। जिस्म की बात …
Read moreइतने सपने देख लिए, अब तो सच भी सपना लगता है। बगल में खड़ा इंसान भी, मुझे मृगमरीचिका सा लगता है। सूरत इतनी बदल गई, आईना भी बेगाना सा लगता …
Read moreJindagi Khubsurat hai रुठने से रिश्ते नहीं टूटा करते, नजरअंदाज करना ना सीखिए। खामोशी से बातें बिगड़ती है, आपस में बातें करना सीखिए। जिंदगी बहुत ख…
Read moreकागज़ कलम दे दो मुझे, कागज़ कलम दे दो मुझे, अपनी थकान लिखना है। कितने ज़ख्म सहे हैं मैंने, कितने रैन जगे है नैना, उनका हिसाब लिखना है। क्यों अकेला…
Read moreज़ख्मी परिंदे को उड़ने दो मन मारते- मारते जो लाश बने बैठे हैं, कफ़न की चाहत में उदास बने बैठे हैं। कफ़न को रंगरेज तू चुनरी का रंग दे दो, …
Read moreWaqt ki maar जान ना पहचाना पर सम्बन्ध उससे पक्का है। जिधर देखूं वहीं नज़र आए यह बात पक्का है। खुदा का संसार में मैं हूं, एक संसार मुझमें है। ना संस…
Read moreयाद है वो वाक्या, जैसे कल की बात हो, मैं कुछ और कहूं तू कुछ और समझता था। वर्षों बाद दिखा अनजाना सा था। मुझे देखकर मुस्कराया था जरुर, उसकी मुस्कान …
Read moreअब मैं, मैं नहीं रही जीवन के उत्तरार्ध में , जीवन के उत्तरार्ध में मैं जो थी नहीं रही। ज़िद,रुठना, मनाना,अधिकार शिकायत, सबकी सब कहीं बहुत पीछे छूट …
Read moreअकेलापन वह नहीं जब घर में कोई ना हो। अकेलापन वह नहीं जब घर में कोई ना हो, अकेला होने का एहसास तब होता है। जब किसी को आपकी जरुरत ही ना हो। आईना से प…
Read more. Meditation kaSaar मैंने जो देखा महसूस किया और समझा उसे व्यक्त कर रही हूं। आज मेरा मेडिटेशन का अनुभव गहरा और अद्भुत रहा है। आपने भी यदि अनुभ…
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