Bas yehi to kavi hriday ka durgun hai स्त्री पहचानती है, दूर से स्पर्श को, ज़माने ने कहा यह कैसी कविता है? मैंने फिर कहा - मैंने जीया है कविता, झू…
Read moreमुझे ऐसी जन्नत से क्या लेना। मुझे ऐसी जन्नत से क्या लेना, जहां से मेरा खुदा दिखाई ना दे। तेरे कैद में बीत जाए मेरी जिंदगी। हमसफ़र मुझे तू कभी रिहाई…
Read moreरुठी तकदीर मनाने निकले थे अपनी रिश्तों की गांठें खोलने से पहले। सीखिए पत्थर पिघलाने की कला पहले। बैठ ना जाना कहीं थक हार कर, तुम रुठी तक़दीर मनान…
Read moreजीतने पर भी तुम्हें खुशी ना मिली🥲 (1) जीतने पर भी तुम्हें खुशी ना मिली, ऐसा लगता है----- तुम हो हारे हुए। हराया है, उससे मिला पाते हो ना नज़र। तेर…
Read moreजब-जब बेचैनी से घिर उठता है मन, जब-जब बेचैनी से घिर उठता है मन मद्धिम पड़ जाती है आंखों की रोशनी। दिल अनजाने आशंकाओं से घिर जाता है। बदल जाता है उ…
Read moreMarham khud lagate hai तेरे दिए हरेक गम मेरे लिए हार बन जाते हैं, जब एक-एक आंसू को मैं धागे में पिरोती हूं। माला जब मेरे गले का हार बन दिल पर चढ़…
Read moreBujhe chirago se Roshani mangi स्वर्ग- सुखों की चाहत थी, प्रेम पीर संग हुआ स्वंयवर। जन्म -जन्म के संबंधों पर, मैंने आंख मूंद किया विश्वास । देह आकर…
Read moreबचपन के साथ कितना कुछ खिसक गया खिलौनों सारे रह गए बचपन निकल गया। दोस्त तेरे वगैर खालीपन जीवन में भर गया। वो अल्हड़पन,चाहत, वो ख्वाब कहां चले गए। मन…
Read moreJindagi khubsurat hai Jine ka hunar sikhiye❤️ छोटी-छोटी बातों से रिश्ते टूट जाते हैं, नजरअंदाज (Let it Go )करना सीखिए। खामोशी से बातें बिगड़ती है, …
Read moreआज़ उस नटखट का दर्शन हुआ आज अपने आप में खो जाना फिर अच्छा लगा। आती-जाती सांसों कों देखते जाना अच्छा लगा। दिल में धधकती आग को बुझाने के लिए, लयबद्ध …
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