Tum khud hi apna pata bata do कैसे हो ? कहां हो ? मुझको अपना पता बता दो मन की गलियों में छुपे हो। पता तुम्हारा पूछूं मैं किससे ? तुम तो मेरे स…
Read moreछूना नहीं जिसे देखना सुकून हो छूना नहीं जिसे देखना सुकून हो तुम, दूर रहकर भी कितने करीब हो तुम। तेरी एक झलक पाने की आश लिए, अपनी आंखों पर अटूट…
Read moreआंसू रोक अपने को सशक्त दिखाता वैसे तो वह साधारण सा इंसान हैं, देह के पार देखो तो पूरा ब्रह्माण्ड दिखता है। कोई कर ही नहीं पाता है...ऐसे इंसान से प्र…
Read moreआपके Best Friend (आप खुद है) बचपन का दोस्त V/S स्मार्ट दोस्त बचपन का दोस्त 😀 कविता आपके Best Friend (जो आप खुद है) सही पर साथ तो देंगे हजारों। ग़…
Read moreBas yehi to kavi hriday ka durgun hai स्त्री पहचानती है, दूर से स्पर्श को, ज़माने ने कहा यह कैसी कविता है? मैंने फिर कहा - मैंने जीया है कविता, झू…
Read moreमुझे ऐसी जन्नत से क्या लेना। मुझे ऐसी जन्नत से क्या लेना, जहां से मेरा खुदा दिखाई ना दे। तेरे कैद में बीत जाए मेरी जिंदगी। हमसफ़र मुझे तू कभी रिहाई…
Read moreरुठी तकदीर मनाने निकले थे अपनी रिश्तों की गांठें खोलने से पहले। सीखिए पत्थर पिघलाने की कला पहले। बैठ ना जाना कहीं थक हार कर, तुम रुठी तक़दीर मनान…
Read moreजीतने पर भी तुम्हें खुशी ना मिली🥲 (1) जीतने पर भी तुम्हें खुशी ना मिली, ऐसा लगता है----- तुम हो हारे हुए। हराया है, उससे मिला पाते हो ना नज़र। तेर…
Read moreजब-जब बेचैनी से घिर उठता है मन, जब-जब बेचैनी से घिर उठता है मन मद्धिम पड़ जाती है आंखों की रोशनी। दिल अनजाने आशंकाओं से घिर जाता है। बदल जाता है उ…
Read moreMarham khud lagate hai तेरे दिए हरेक गम मेरे लिए हार बन जाते हैं, जब एक-एक आंसू को मैं धागे में पिरोती हूं। माला जब मेरे गले का हार बन दिल पर चढ़…
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