Dharm Arth Kaam Moksh भावों का कर तर्पण कहो कोई कैसे मुस्काए। इच्छाओं को जीते जी मरघट में कैसे दफनाए। पुर्णता से लबरेज यह संसार उसे क्योंकर लुभाए। उ…
Read moreशरीर के वजनानुसार पानी की ज़रूरत — वजन 65 किलो ओवरवेट - 5 किलो 65 किलो – 5 किलो (ओवरवेट) = 60 किलो सही वजन ग्लास की गणना। नियम: हर 10 किलो वजन पर 1…
Read moreपानी की आवश्यकता — वजन के अनुसार हर व्यक्ति का वजन अलग होता है, इसलिए पानी की ज़रूरत भी अलग-अलग होती है। सभी को एक समान मात्रा नहीं दी जा सकती। सही…
Read moreKuchh kho gaya lagta hai पौधों की जीवनी, मानव जीवन का दर्शन--- कभी माली ने जिस पौधे को अपने हाथों से मिट्टी में दबाकर, धीरे-धीरे सुलाया था, पानी क…
Read moreबचपन के साथ कितना कुछ खिसक गया, दोस्त तेरे वगैर खालीपन जीवन में भर गया। वो अल्हड़पन,चाहत, वो ख्वाब कहां चले गए। मन के खालीपन में अनिच्छा घर जो कर गए।…
Read moreहमें अपनी औकात मालूम है हमें अपनी औकात मालूम है, इसलिए महंगी चीजें हम छोड़ देते हैं । अक्सर राह में चलते-चलते हम, घमंडियों के लिए रास्ता छोड़ देत…
Read moreपरेशान देखकर दिल रो पड़ा उनको पशेमान देखकर। मुंह फेर लेते हैं जो हमें परेशान देखकर। जाहिर ना हो उनसे मेरा कोई वास्ता भी है। चल दिए तेरी महफ़िल से …
Read moreDil me sailav अनकहा सच भी मेरा झूठ सा लगता है। कहते हुए गला सूखता सा लगता है। मनाने की हर कोशिश मेरी नाकाम हो जाती है। दिल में सैलाब बाहर वह मुस्कान …
Read moreअक्षत, रोली, चंदन से किया श्रृंगार भोले का, हाथ गंगाजल भावपूर्ण मन ले आई मैं द्वार। प्रेम सिद्धि का वरदान छुपा रखा था प्रभु, किया शंकर सावन के तेरे स…
Read moreदेह तू मेरा अभिमान हो सकते, स्वाभिमान तो मेरा अंदर बैठा है। Sayed kahi chupa ho andar me मेरे सांस तुम्हारी अमानत सही, सांसों की माला उसके नाम रही।…
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