जीवन की काव्यात्मक अभिव्यक्ति आंखें दीप बन, दिखाती जग का रंग, देखा जो आंखों से वही बनता है जीवन का ढंग। दृष्टि से ही जन्मते रहते सदा विचारों के …
Read moreHamara vision hi hamara destiny ka nirnayak hai अध्यात्म की तरफ जीवात्मा और उसके कर्म 🤔 आंखों से 83% कर्म कान से 14% कर्म सभी इन्द्रियों को मिलाकर…
Read moreJINDAGI KA ANTIM PRAV जिंदगी का सफर कुछ यूं तय किया, कुछ लिखा कुछ अनलिखा रह गया। उनके ही नज़रों की किड़किड़ी बनी, जिनको मैंने ख़ुदा का था दर्ज़…
Read moreचौदह वर्ष... उर्मिला का दर्द चौदह वर्ष---- कहने को एक संख्या है, पर मेरे लिए हर दिन एक युग था, हर रात एक परीक्षा। तुम्हारे जाने के बाद मैंने …
Read moreनवंबर की खट्टी‑मीठी यादें त्योहारों की रोशनी लाखों दीप जले, छठ सूर्य उपासना, घर में चहल-पहल, छठ गीत की गूँज, खुशियों का मौसम आया। सर्दी‑खाँ…
Read moreसंस्मरण - समंदर, मैं और भय नवंबर की खट्टी‑मीठी यादें और दिसंबर का स्वागत त्योहारों की रोशनी और यात्रा की उमंग में मेरा मन 😊 नवंबर की शुरुआत दिवाली औ…
Read moreमेरे प्यारे Habuild Family 🙏 मेरी प्रोग्रेस रिपोर्ट देखने आए हो😄 अपने पर ध्यान दो आपमें कई मेरे जैसे खतरनाक शिष्य हैं 😄 मुझे क्या सौरभ सर भी जानत…
Read moreItihas ka kitab lagti hu फोन पर आॉनलाइन देखूं वगैर बात किए लौटूं, ना मैसेज,ना कोई पोस्ट दिल को समझा के लौटूं। कॉल का तो इंतजार भी अब मज़ाक सा लगें,…
Read moreLafzo ke chakkar me parna keyo hai ख्वाब में मिली दौलत है, यह मेरी हैसियत नहीं है। खाली कमरों में फकत साया है, कोई और नहीं है। मेरे फाकापन ने पूरा…
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