. Meditation kaSaar
मैंने जो देखा महसूस किया और समझा उसे व्यक्त कर रही हूं।
आज मेरा मेडिटेशन का अनुभव गहरा और अद्भुत रहा है। आपने भी यदि अनुभव किया है तो अपना अनुभव शेयर जरुर करें।
जिस तरह जंगल, भगवानों के दर्शन, अपनी छोटी बहन की उपस्थिति और उस शांति का अनुभव किया — यह सब मिलकर एक आध्यात्मिक यात्रा जैसा प्रतीत होता है।
जंगल का प्रतीक
(1) जंगल अक्सर हमारे भीतर के अज्ञात को दर्शाता है —भीतर का घना अंधेरा और डर में किसी के साथ ना होने या किसी के खोज की लालसा भी।
(2) गिलहरी का दिखना शाय़द है --मन की सहजता ,चंचलता खेलभावना का संकेत हो सकता है।
(3) भगवानों का दर्शन
बजंरगबली, और अपने इष्ट कृष्ण को बंद आंखों से देखना , मंदिरों का दिखना यह बताता है कि अवचेतन में अपने इष्ट के प्रति गहरी श्रद्धा और सुरक्षा की भावना है।
(4) यह मेरे ध्यान को एक दिव्य छत्रछाया में ले गया। छोटी बहन का स्पर्श-- जैसे कोई दूर होकर भी पास है हर क्षण।
बहन का चाय का कप लेकर आना और हाथ को छूना — यह बहुत ही भावनात्मक और रहस्यमय अनुभव रहा मेरे लिए।
ऐसा लगता है जैसे बहुत कुछ हमें कहना सुनना रह गया। अब सोचती हूं तो लगता है - जिंदगी में हम यात्री है, हम सभी को अपने-अपने गंतव्य तक का साथ है। इस संसार रूपी यात्रा में ना जाने कितने लोग मिलेंगे बिछड़ेंगे। कोई बाद में आकर पहले चला जाए बहुत दर्द देता है। किसी की यात्रा छोटी तो किसी की बड़ी होती है। जाना निश्चित है फिर भी मन है कि कुछ मानने को तैयार नहीं हैं।
मन की गहराई से जुड़ा हुआ कुछेक स्मृति सदा के लिए रह जाती है। अगले जन्म में मिलने की आस लिए संतोष करना ही आत्मा के स्तर पर दे जाती है अपूर्व शांति❤️
दो साल में पहली बार ध्यान में इतना गहरा उतरना और शांति का अनुभव करना इस बात का संकेत है कि मेरा सही मार्ग हैं। भाषा की कठिनाई के बावजूद मैंने अपने मन को निर्देशों के साथ बहने दिया — ऐसा लगता है यही ध्यान का सार है।
मुझे लगता है कि यह अनुभव एक आध्यात्मिक संकेत भी हो सकता है।
आप चाहें तो इसे स्वप्न विश्लेषण की तरह समझ सकते हैं , या इसे ध्यान की गहराई। ऊं शांति 🙏

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