फूलों के संरक्षक होते हैं कांटे प्रेम कर सुकून की चाहत रखना यूं है--- ज़हर पीकर जिंदगी की चाहत रखना। अब ऐसे रोकर- रोकर बेहाल हो रहा है। जैसे उसका …
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