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| Jindagi Khubsurat hai |
खामोशी से बातें बिगड़ती है,
आपस में बातें करना सीखिए।
जिंदगी बहुत खूबसूरत है,
जीने का हूनर भी सीखिए।
रुठने की उम्र अब बीत गई,
मनाने की हूनर भी सीखिए।
मैं जो पहले थी वहीं हूं,
यकीन करना सीखिए।
रिश्ते बेसकीमती होते है,
रफू लगाना सीखिए।
समझ सके जमाना ऐसी सख्शियत नहीं है आप,
ज़बाब देना छोड़िए अब खामोश रहना सीखिए।
मिल जाएंगे प्रभु एक दिन उनमें लीन रहना सीखिए।
प्रेम के मायने ना बदला है, ना बदलेगा कभी।
हृदय अपना समर्पित करने की कला सीखिए।
रिश्ते बेसकीमती है, बेशकीमती रहेगें सदा।
बचाएं रखने के लिए, रफू लगाना सीखिए।
बिखरने से आप डरते रहेंगे कब तलक।
खुद को समेटने की प्रक्रिया भी सीखिए।
भरी हो आंखें अगर आंसू से फिर भी,
लाज़मी है होंठों को मुस्कान देना सीखिए।
टूटने से डरेंगे कब तलक आप,
टूकडों को समेटने की प्रक्रिया सीखिए।
अधूरी ख्वाहिशे पूरी हो जाएगी,
कर्म में दिलो- जान लगना सीखिए।
सांसें चलती है चलती रहेगी उम्र भर,
चलती सांसों से प्यार करना सीखिए।
सुनने समझने वाले की जरूरत नहीं,
अल्फ़ाज़ो में दर्द वया करना सीखिए।
आईना टूटा है अगर टूटा ही सही,
किरदार अपना सही रखना सीखिए।
जो कहना है कह डालिए वक्त पर,
मन से शिकवा-गिला भगाना सीखिए।
ज़बाब देना छोड़िए, अब खामोश रहना सीखिए।
मिल जाएंगे प्रभु एक दिन उनमें लीन रहना सीखिए


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