बचपन के साथ कितना कुछ खिसक गया, दोस्त तेरे वगैर खालीपन जीवन में भर गया। वो अल्हड़पन,चाहत, वो ख्वाब कहां चले गए। मन के खालीपन में अनिच्छा घर जो कर गए।…
Read moreहमें अपनी औकात मालूम है हमें अपनी औकात मालूम है, इसलिए महंगी चीजें हम छोड़ देते हैं । अक्सर राह में चलते-चलते हम, घमंडियों के लिए रास्ता छोड़ देत…
Read moreपरेशान देखकर दिल रो पड़ा उनको पशेमान देखकर। मुंह फेर लेते हैं जो हमें परेशान देखकर। जाहिर ना हो उनसे मेरा कोई वास्ता भी है। चल दिए तेरी महफ़िल से …
Read moreDil me sailav अनकहा सच भी मेरा झूठ सा लगता है। कहते हुए गला सूखता सा लगता है। मनाने की हर कोशिश मेरी नाकाम हो जाती है। दिल में सैलाब बाहर वह मुस्कान …
Read moreअक्षत, रोली, चंदन से किया श्रृंगार भोले का, हाथ गंगाजल भावपूर्ण मन ले आई मैं द्वार। प्रेम सिद्धि का वरदान छुपा रखा था प्रभु, किया शंकर सावन के तेरे स…
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