मुझे ऐसी जन्नत से क्या लेना।
मुझे ऐसी जन्नत से क्या लेना,
जहां से मेरा खुदा दिखाई ना दे।
तेरे कैद में बीत जाए मेरी जिंदगी।
हमसफ़र मुझे तू कभी रिहाई ना दे।
वक्त रुकता नही किसी के लिए।
मन को अनसुना - अनदेखा कर,
मानसिक स्थिति अपनी बदलने ना दे।
आंसू कमजोरी नहीं हथियार है आपके।
संभाल कर रखें इसे यूं ही बहने ना दे।
दिल कांपने लगे शब्द लगे डसने आपको,
अपमान की चोट से अस्तित्व खोने ना दे।
कुछ दबाकर रखने से मर जाता है बहुत कुछ।
रिश्ते, दोस्ती, चाहते, शौक, मन आत्मसम्मान,
बचा सकते हैं तो बचा लें, इन्हें कभी मरने ना दे।
यूं ही नहीं बदलते लहज़े या रवैये किसी के,
उसका कोई तो अपना गद्दार निकला होगा।
बहुत इंतजार करने के बाद ही छोड़ा होगा,
इंतजार उसका जिससे प्यारा रिश्ता होंगा।

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