परेशान देखकर दिल रो पड़ा उनको पशेमान देखकर। मुंह फेर लेते हैं जो हमें परेशान देखकर। जाहिर ना हो उनसे मेरा कोई वास्ता भी है। चल दिए तेरी महफ़िल से …
Read moreकागज़ कलम दे दो मुझे, कागज़ कलम दे दो मुझे, अपनी थकान लिखना है। कितने ज़ख्म सहे हैं मैंने, कितने रैन जगे है नैना, उनका हिसाब लिखना है। क्यों अकेला…
Read moreज़ख्मी परिंदे को उड़ने दो मन मारते- मारते जो लाश बने बैठे हैं, कफ़न की चाहत में उदास बने बैठे हैं। कफ़न को रंगरेज तू चुनरी का रंग दे दो, …
Read moreयाद है वो वाक्या, जैसे कल की बात हो, मैं कुछ और कहूं तू कुछ और समझता था। वर्षों बाद दिखा अनजाना सा था। मुझे देखकर मुस्कराया था जरुर, उसकी मुस्कान …
Read moreअब मैं, मैं नहीं रही जीवन के उत्तरार्ध में , जीवन के उत्तरार्ध में मैं जो थी नहीं रही। ज़िद,रुठना, मनाना,अधिकार शिकायत, सबकी सब कहीं बहुत पीछे छूट …
Read moreजंगल की राहों में मैं अकेली चली, पेड़ों की छाँव, हवा के साथ खेली। मैं यहीं हूं डर था कहीं कोई जानवर न आ जाए, गिलहरी की चंचलता मेरे मन को भाए। मंद…
Read moreKeya khoya keya paya रिक्त जगह को रिक्त ही रहने दो। उसे भरने की कोशिश मत करो। यह खालीपन मेरी यादें दिलाएगी। गाहे-बगाहे तुम्हें मेरी याद तो आएगी। तुम …
Read moreदांव पेंच के खेल में हम हमेशा अनारी रहे। झूठ को सच साबित कर वो मुस्कुराते रहे। अदालत की अदाकारी से कातिल बच गए। हत्या को आत्महत्या साबित कर निकल गए…
Read moreकल रात मैंने एक सपना देखा (1) कल रात मैंने एक सपना देखा। सपने में कोई अपना देखा। सोते - सोते हंसते देखा , हंसते- हंसते रोते देखा। कल रात मैंने एक…
Read moreलाशें जलाई जाती,गलाई नहीं जाती तुम्हें यूं बेवक्त बर्बाद ही होना था ऐ दिल, कोई ऐसा ढ़ूढता तेरी शिकायत सुननेवाला। कोई मिला नहीं ऐसा बर्बाद-ऐ-इश्क …
Read moreबेटों की चाह में घर में आ जाती है बेटियां बेटो की चाहत में घर में आ जाती है बेटियां। इर्ष्या वगैर भाई जन्मोत्सव मनाती हैं बेटियां। बेटी के बाद बेटा…
Read moreबसीर बद्र साहब को 🙏 श्रद्धांजलि ❤️ कोई हाथ ही ना मिलाएगा, कि गले मिलोगे तपाक से। यह नए मिजाज का शहर है, जरा फासले से मिला करो। तमाम उम्र बीत जाती …
Read moreमैं जो कहूं तुम कर लेगी क्या? हम अपनी लिखावट सुधारते रह गए। सारे कॉपी आंसुओं से भर गए। पन्ने खतम होने पर जब उठाई नज़र। कॉपी ज़ब्त करते गुरुजी दिख ग…
Read moreTum khud hi apna pata bata do कैसे हो ? कहां हो ? मुझको अपना पता बता दो मन की गलियों में छुपे हो। पता तुम्हारा पूछूं मैं किससे ? तुम तो मेरे स…
Read moreछूना नहीं जिसे देखना सुकून हो छूना नहीं जिसे देखना सुकून हो तुम, दूर रहकर भी कितने करीब हो तुम। तेरी एक झलक पाने की आश लिए, अपनी आंखों पर अटूट…
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