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Kaise teri tasveer banau mai

 


Phat gai meri neelee saree

रंग तुलिका लिए खड़ी---मैं


तेरी तस्वीर बनाए कैसे,

सूरत भोली-भाली तेरी,

मतवाले दो नैन बनाएं कैसे ?


कटी है जुबां मेरी---


भजन तो भजन है छोड़ो,

तुम्हें आवाज लगाएं कैसे?


पांव में पड़ी है जंजीरे,

कहो कदम बढ़ाएं कैसे?


तेरे दर तक आने की चाहत थी,

तुम्हें पाए बिन सर झुकाऊं कैसे?


फट गई मेरी नीली साड़ी,

लाल चुनर पहन कहो आऊं कैसे?


मैं कसम खाई थी आने की,

अब तुम ही कहो मैं आऊं कैसे ?


मेरे वस्त्र है बहुत पुराने ,

धागे हो गए हैं तार- तार,

मैले कुचैले है चोले मेरे,

तेरे चौखट तक मैं जाऊं कैसे?


फूल चंदन ना टीका रोली,

दूर्वा भी सूखा- सूखा सा है,

तुमको प्रसाद चढ़ाने को,

भाव सहित खंडित मन मेरा है


अपने विचलित मन को कैसे धीर धराऊं मैं?

रंग तुलिका लिए खड़ी कैसे तस्वीर बनाऊं---मैं?

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