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| मकान खाली कर दिया ताले खोल जाओ |
मैं ना मकान मालिक रहा, ना ही तुम किरदार रहे।
दोस्ती का रिश्ता तो कभी था नहीं हमारे दरम्यान।
बिजली पानी का आकर हिसाब कर जाओ।
मकान खाली कर दिया, ताले तो खोल जाओ।
उमस है घर में ठंडी हवा रोशनी तो आने दो।
बिजली पानी का आकर हिसाब कर जाओ।
*टू लेट* का बोर्ड लगाऊं तो मैं लगाऊं कैसे?
एक बार आओ, आकर ताले तो खोल जाओ।
मुमकिन है कोई नया किरदार मिल जाए।
दोस्त नहीं थे तुम पर दुश्मनी ना निभाओ।
नॉर्मल इंसान कहीं अलर्ट मोड में ना आ जाए।
आवाज़ को अपनी सोफिस्टीकेटेड तो बनाओ।
हम मिडिल क्लास की है बस यही तो मजबूरी।
ना उलझते हैं किसी से, हमें ना तुम उलझाओ।
मन मसोस कर रह जाते हैं हर पर्व त्योहार में,
डिस्काउंट ऑफर देखकर हम चीजें खरीदते हैं।
एक मासूम सा ख़्याल आया है मेरे प्यारे टीनेंट।
ताला खोल देते तो कोई नए किरदार रख लेते।
मेरे बचे पैसे अगर चुकता कर देते तुम ,
तो हम बच्चों के स्कूल का फीस भर देते।
किसी होटल में सपरिवार जाने का सौभाग्य पाते हम।
वगैर कीमत पर नजर डालें पसंदीदा डीश खाते हम।

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