तेरी चुप्पी में छुपा है तेरा प्यार
सपनों की राह दिखाने वाले,
हर ठोकर पर संभालने वाले।
पिता,आप हो जीवन का आधार,
अंधेरों में उजियारा फैलाने वाले।
तुम्हारी कठोर हथेली में छुपी है,
मेरे भविष्य की कोमल परछाई।
चुप्पी में छिपा असीम स्नेह तुम्हारा,
हमारे हर आँसू की परवाह जिसे है।
तुम ही हो मेरे शक्ति के आधार,
तुमसे ही है यह जीवन का संसार।
पापा तेरे बिन अधूरा है हर गीत,
तुम हो हमारी धड़कन की प्रीत।
पापा अपने उंगली पकड़ चलना सिखाया।
मां कहती थी- आपने बच्चों को सर चढ़ाया।
मां की डांट से बचने भागकर आते आपके पास।
आपकी दुआ से धूप भी ठंडी हवा बन जाती थी।
जग में नहीं है कोई जो लड़खड़ाते कदम सम्हालें। आपकी ही नज़रें है जो संतान को उठा गले लगाए
हर मोड़ पर राह दिखाया।
ठोकरों को भी सीढ़ी बना दिया,
जीवन को साहस से सजा दिया।
पढ़ाई की किताबों में छिपा उनका त्याग,
हर अक्षर में झलकता है उनका अनुराग।
सपनों को पंख देकर उड़ना सिखाया,
संघर्ष को जीतने की हर कला बताया।
बेटी को प्यार से गोद में उठाने का,
गांव में आपका प्रथम पिता होने का,
रिकार्ड पिताश्री आपके नाम आया।
पिता, तुम हो मेरे जीवन का गीत,
तुमसे ही है, हर धड़कन की प्रीत।
तुम्हारे बिना अधूरी है हर दास्तान।
संघर्ष में मुस्कुराते रहने की शिक्षा दें,
ठोकर को भी सीढ़ी समझना बताया।
बेटे से ज्यादा प्यार बेटियों पर लूटाया।
मेरे हर अक्षर पिताश्री आपके ऋणी है।
मेरी आकांक्षा -🙏
जन्म लूं बेटी बनूं आपकी गोद मैं पाऊं।
नाज़ रहेगा मुझे सदा आप मेरे बाप है।
कमी रहेगी आपकी जब-तक है अस्तित्व।
दिल से समर्पित है पिताश्री श्रद्धा के शब्द 🙏

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