Kal raat Maine sapne me jindagi ko dekha कल रात सपने में मैंने जिंदगी को देखा। बालों में उंगली फेर मुझे सुला रही थी। अरसों बाद आया मेरे दिल को करार। …
Read moreजाने कहां गई वो शरारतें। वो मीठी-मीठी सी चाहते। किताबें इश्क का पढ़ा पन्ना। सूखे गुलाब बार-बार सूंघना। संभाल कर पुस्तक में रखना। वो मीठी-मीठी सी प्य…
Read moreकिताबें इश्क में मैंने कुछ लिखा नहीं। क्या लिखूं क्या नहीं मुझे पता ही नहीं। मर्ज हमसे वो अपना कभी बताते नहीं। बताए वगैर हकीम इलाज करते ही नहीं। क्या…
Read moreTerimuskurahatokepichekakami मिलेगा कहां कोई यहां तुझे मुझ जैसा। तेरी मुस्कुराहटों के पीछे की मायूसी देख पाए। जज्बातों का मजाक उड़ाने वाले मिलेंगे हज…
Read moreमैं बरगद था किस्मत में जमीन मुत्तसर न हुआ। किस्मत में मेरी गमला ही आखिरी पड़ाव हुआ। Kismat me jamin mutsar na huwa कसूर क्या था मेरा जो वृक्ष नहीं …
Read moreजज्बात जब उलझे कुछ लिख देती हूं दिल में कोई हूक उठे कलम उठती है। सुनने वाला न हो कागज़ सुन लेती है। जज़्बात जब उलझे कुछ लिख देती हूं। सपने…
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