ग़ज़ल: आदत की सूरत में मोहब्बत वो जो हर रोज़ ख़्वाब में आता है, दिल उसी की याद में मुस्काता है। पास हो तो चैन सा मिलता है, दूर हो तो दिल बहुत घ…
Read more--- Isak ke khatir khuda se bagavat ki hai आत्मा (धीमे स्वर में): कर्ज तो इतना था कि साँस भी गिरवी रख दी थी, सूद में जीया, मूल तेरे नाम की धर…
Read moreMrigmarichika hai bas ek aadat बिना वजह भी याद आ जाए, क्या ये रूह की पुकार है — या दिल की आदत है? उसकी ख़ामोशी में सुकून मिले, क्या ये अपनापन …
Read moreहम छोटे शहर की बात निराली जहां पिज़्ज़ा-बर्गर नहीं, भात रोटी दाल है, हमारे स्वाद में मिट्टी की खुशबू बेमिसाल है। छोटे शहर के लोग हैं पर सोच ना छ…
Read moreJane kaise Bebfai kar gaya चाक पर रखी थी मिट्टी उसने, मेरी तस्वीर बनाने को। वक्त ने ऐसी करवट ली, बनानेवाले की नियत बदल गई। लगता तो था वो मासूम सा, …
Read moreकल मंगलवार था। कौन नहीं जानता Yoga aur mai इसमें बताने वाली क्या बात है ? वाह मैं पहली बार बता रही तो टोक दिया ❓जब सर बार-बार बताते हैं दोनों आंखें…
Read moreIss baar Lagta nahi Jakhm Bharta huva (1) भविष्य की राह से अब डरने लगी हूं, जो सोचा था, वो कर नहीं पा रहा। जिसे चाहा, हर पल उसे खोता रहा । दिल टू…
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