बथुआ जो अक्सर आपके बगीचे में खुद व खुद उग आता है। बहुत उपयोगी पौधा है। बथूआ के हजारों बीमारियों में फायदे हैं। बथुआ को अनेक नामों से जाना जाता है गु…
Read moreहम सबके तुम प्यारे थे चौबीस तुमको न भूल पाएंगे। तुम्हारे आने की खुशी मनाएं थे जाने की खुशी मनाएंगे। नये का स्वागत करू या पुराने को अलविदा करूं। आंखो…
Read moreतेरी नज़रों के शुरूर में जाने कैसे कैसे बहक गए। तेरी नज़र का कमाल है हम गिरते गिरते संभल गए। यादों से तेरी मेरे घर में उजाला है आज तक। मुद्दत गुजर गई…
Read moreपरिंदे ने घोसले बना लिए भी तो क्या ? परिंदों के घोसले कभी ना उजाला करें। घरआपका किसी काआसरा है तो क्या? किसी को यूं ही बेवजह ना बेआसरा करें। सड़क पर…
Read moreसमुंद्र मंथन के दौरान धन्वंतरि और महालक्ष्मी का अवतरण हुआ था। इसी दिन धनतेरस का त्यौहार मनाया जाता है। धनतेरस का त्यौहार दीवाली से 2 दिन पहले मनाया …
Read moreसलाह के शब्दों से अधिक अनुभव की कीमत है। ठोकर एक भी इंसान को बहुत मजबूत बनाती है। नेकियों का सिला हमें क्यो बदी से मिले। जरा बता ऐ खुदा तेरी ऐ खुदाई …
Read moreइतना बेबस न था मैं कभी। इतना लाचार भी कहां था। लाचारी ने ही मुझे बेबस बना दिया। लाचारी बेबसी रास्ता में खड़ा था। अच्छे वक्त को लौटने ना दिया। तेरा ब…
Read moreअक्सर यह देखने में मिलता है कि पेड़ पुराना होने के बाद भी फल नहीं देते हैं। किसी भी पौधे में फल आने के लिए बहुत सारी बातें आती है। जिसमें वहां का मौ…
Read moreकेऊकंद का पौधा जंगली पौधा समझा जाता है। यह ट्रॉपिकल सब ट्रॉपिकल दोनों है। इस के अनेकों नाम है हर जगह से हर नाम से पुकारा जाता है। संस्कृत में इसे के…
Read moreमशरूम मसाला बनाने के लिए सामग्री १) ढाई सौ ग्राम मशरूम २) प्यार 2/3 महीन कटा हुआ ३) अदरक लहसुन का पेस्ट एक- एक चम्मच ४) टमाटर 3 महीन कटा हुआ ५) हल्द…
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