(1) वह भी एक जमाना था, यह भी एक जमाना है। माचिस बचाने के लिए दूसरे के चुल्हे से आग लाया जाता था। अब बीड़ी जिगर के आग से सुलगाई जाती है। रेडियो पर बिन…
Read moreइंतज़ार कर लो बहार आने तक, धूप से डरकर पौधे, उखारने की जरूरत क्या है? छोड़ना हैं छोड़ दो उसको, सताने की जरूरत क्या है? बहाने पर बहाने बनाने की जरू…
Read moreसूरज सा चमकना है ना कभी अभिमान रखो। डूबते हुए भी ना कभी ग़म का नामोनिशान रखो। बांटों उजाला सभी ओर बराबर सबके साथ समभाव और सदभाव रखना। बात आए जब जीने …
Read moreप्यार मुहब्बत आता नहीं सबके क़रीब हो जाता हूं। मैं तो बस हरेक के दर्द में शामिल मिल हो जाता हूं। दुनिया की नज़रें अकेला छोड़ जाती है। जब साया भी अपना…
Read moreभरोसा ख़ुद पर रख सफ़र आसान होगी। आंखें मंजिल पर रख धूप की तपिश बर्दाश्त होगी। महफूज़ रास्ते की तलाश हमसफ़र की आश नहीं । AakheManjilparrakhjindgiaadh…
Read moreMakhana Raita मखाना स्वादिष्ट के साथ हेल्दी भी होता है। स्नैक्स के रूप में हर घर में मखाने का इस्तेमाल किया जाता है। क्या कभी आपने मखाने का रायता ब…
Read moreगम ऐ नहीं की आप हमको ना मिले। ग़म है कि आप मेरे रकीब को मिलें। ना आंसूओं में छलकाया। ना कागज़ पर उतारा हमने। दर्दे दिल को दिल में ही पाला हमने। छवि त…
Read moreपैर में पड़ी बेड़ियों का अब अस्त्र बनाया जाए। खुद चलकर अपने वजूद को तलाशा जाए। चरित्र जब पवित्र है गगन भी कांप जाएगा। तू आरती की लौ बनी तो भूचाल आ जा…
Read moreसंतान जब ख़ुद से निर्णय लेने लगें। अनुभव अपने उनपे थोपना छोड़ दो। अपने हाथ में जब कुछ है ही नहीं। भविष्य की चिंता करना छोड़ दो । इच्छा और क्षमता में …
Read moreमुहब्बत को उस मुकाम पर लेकर जाउंगी। तुम पुकारो तो सही क़ब्र से उठकर आउंगी। कुदरत नवाजें तो इस तरह नवाजें मेरी मुहब्बत मुझे पुकारें। जिंदगी की जंग मौत…
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