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अतीत से निकालकर वर्तमान में लाते हैं
Yah sahar yah gali chorkar kaha jau ?
खुद को जख्मी कर खुद ही परेशान हो
Insan kaise ho tere sanskar bata denge
Laltain jalane se pehle sisha saaf kar lo
Tanhaiyo me bas teri yaad aati hai
ना आंसूओं में ना कागज़ पर उतारा हमने
लोककवि राष्ट्रकवि से उम्मीदे करना छोड़ दो
पुराने दोस्त आज भी याद आते हैं
लोगों के भीड़ में खुद को ढुंढना बाकी है
इतराता हूं मैं किस्मत पर अपने
वृक्ष बनने के लिए बीजों सा सड़ना पड़ता है
दिल के घाव ना भरी महफिल में दिखाया जाए
ईश्वर की अद्भुत रचना तुम हो
हर आहट पर दिल धड़कता क्यूं है ?
जो दिखता था वह वैसा कहां था
क़ब्र में रेशमी उढ़ाने से क्या फायदा
अपने लिए अपनों के लिए यह जंग जीतना जरूरी है
मेरी जिंदगी तो यारो खुली किताब सा था
जाते-जाते लौट कमीना आकर आतंक मचाए, आओ प्रण लें हम सब एक एक पेड़ लगाए, अपने जरुरत का आक्सीजन हम अपने पौधे से पाएं