आज एक गणित अपने मस्तिष्क में बनाते हैं। अतीत से कुछ निकालकर वर्तमान में लाते हैं। वर्तमान को जीते नहीं भविष्य के लिए बचाते हैं। जिंदगी की परिभाषा बस …
Read moreकिस-किस को बताऊं सब अपने ही लिए फिक्रमंद हैं यहां अपना ज़ख्म किसे दिखाऊं। अपने गिरेबान में झांकने की जहमत नहीं उठाई जिसने। भरी महफ़िल में उसे दास्ता…
Read moreजिंदगी भी भयंकर लगने लगे, सपने सारे टूटकर बिखरने लगे जब खुद का होना निर्रथक लगे, कोई दुश्मन नहीं फिर भी परेशानी लगे, टूटे सपनों को फिर से जोड़ना सीख …
Read moreपरिवार कैसा तेरे संस्कार ही बता देंगे। बात करने के अंदाज़ सब राज बता देंगे। ज्ञानी हो बताने की जरूरत क्या है ?? तर्क वितर्क ही तेरे अधूरे ज्ञान बता …
Read more(1) वह भी एक जमाना था, यह भी एक जमाना है। माचिस बचाने के लिए दूसरे के चुल्हे से आग लाया जाता था। अब बीड़ी जिगर के आग से सुलगाई जाती है। रेडियो पर बिन…
Read moreप्यार मुहब्बत आता नहीं सबके क़रीब हो जाता हूं। मैं तो बस हरेक के दर्द में शामिल मिल हो जाता हूं। दुनिया की नज़रें अकेला छोड़ जाती है। जब साया भी अपना…
Read moreगम ऐ नहीं की आप हमको ना मिले। ग़म है कि आप मेरे रकीब को मिलें। ना आंसूओं में छलकाया। ना कागज़ पर उतारा हमने। दर्दे दिल को दिल में ही पाला हमने। छवि त…
Read moreसंतान जब ख़ुद से निर्णय लेने लगें। अनुभव अपने उनपे थोपना छोड़ दो। अपने हाथ में जब कुछ है ही नहीं। भविष्य की चिंता करना छोड़ दो । इच्छा और क्षमता में …
Read moreमिलते है हररोज नए दोस्त हजारों पुराने दोस्त आज भी याद आते हैं दोस्तों का समय -असमय दरवाजा खटखटाना याद आता है। अब सलीके से आदाब बजा कर जब भी मुस्कुरा…
Read moreथोड़ा - थोड़ा थका हूं, पर थोड़ा सा थकना बाकी है। मंजिल सामने ही है पर मंज़िल तक पहुंचना बाकी है। कांटों से थी रंजिश उसने फूलों पर निकाल दी फूलों की …
Read moreBhartvashi kahlane ka hame adhikar mile हरी भरी सी है यह धरती नीला- नीला अपना अंबर । गगन चुमती पर्वत की शिखर सबसे सुंदर अपना भारत । मंदिर में बजे ढ…
Read moreवृक्ष बनने के लिए बीजों सा सड़ना पड़ता है। वृक्ष बनने के लिए हर बीज को सड़ना पड़ता है। लक्ष्य पाने के लिए बाधाओं से लड़ना पड़ता है। जीवन की सच्चाई पु…
Read moreरिश्तों को तौलना छोड़ रिश्तों को सम्मान दिया जाए। अपनों को ही नहीं गैरों को भी गले से लगाया जाए। दोस्तों को समझने की जरूरत है परखने में समय न गंवाया …
Read moreसोचती हूं किस प्रकार के से जुए में पुरुष को हार पाओगी ? तुम तो पति के जीवन हेतु यम से भी लड़ जाओगी। हंसकर बोली परपुरुष से कलंकिनी कुलटा कहलाओगी । क्य…
Read moreराह देखती रहती है ऐ आंखें किसकी । हर एक आहट पर दिल धड़कता क्यूं है। आईने की फिदरत में है सच कहना। ज़माने सच सुनने से तू डरता क्यूं है। अंन्धेरो में घ…
Read moreआसमान जमीं से मिलता दिखता था, आंखों का भ्रम था सच में कहां था। उनसे मेरी मुहब्बत कमाल की थी, मिलना उसका क़िस्मत में कहां था। जिसके लिए बहते रहे मेरे …
Read moreआप मेरे करीब थे मैं भी आपके करीब था। पीठ से मिले थे पीठ ऐसा अपना नसीब था। आप आए ना नज़र तो क्या नज़रों का कसूर था। फसल सारे जलकर राख हो गए। बारिश अ…
Read moreसांसों को चलते रहने को हवा कम पड़ जाएगा सोचा ना था जिंदगी में कभी ऐसा मुकाम भी आएंगा। कहते थे रहेंगे साथ वो ज़ुकाम के डर से भाग जाएंगे। इक अदना सा व…
Read moreधर्म-कर्म खानदान की दुहाई दोनों तरफ़ था। मुहब्बत में यह इम्तिहान जो हम-दोनों का था। खरीदारों की कमी ना थी हमारे शहर में मगर। वह ऐसा शख्स था जो बिकने…
Read moreखैरियत से मैं यहां हूं तुम वहां सुरक्षित रहना। हाथ गले मिले वगैर हरपल अपनों के साथ रहना। घर से बाहर निकलो अगर तो मास्क लगाएं रखना। सेनेटाइजर तुलसी अज…
Read more
Social Plugin